Sunday, June 17, 2012

गर 'वो ' हमारे होते

जिन्दगी हमारी भी बनती एक सवाल 
गर सवाल का जबाब 'वो 'हमारे होते 
उन यादों में ही गुजर लेते उमर सारी
गर दो पल भी 'वो ' साथ हमारे होते ..

भिगोते अश्क पलकों को भी ,गर 
ये नयन उनके मतवारे होते 
जान लेते हकीकत प्यार की हम भी 
जो प्यार का आइना 'वो ' हमारे होते ..

राहों में हमारे होते उजाले अनेक 
जो 'उनके अँधेरे ' हमारे होते 
भूल के उनको सो लेते चैन से 
सपने जो वश में हमारे होते ..

गुनगुना लेते ताउम्र उनको हम 
जो होठों के गीत 'वो' हमारे होते 
कर  लेते ख्वाबों में ही दीदार उनका 
मोहताज 'उनके' ख्वाब हमारे होते ...

No comments:

Post a Comment