Saturday, July 16, 2011

-- हम भी सीख जाते --

क्या होता  है ठोकर खाना, सीख जाते
गर किसी ने   हम भी  ठुकराए  होते 
यूँ तो  काट लेते  हम भी जिन्दगी
जीने के  बहाने  जो  पास में  होते
हम भी जीते 'आज में 'ही बेफिक्र होकर
गुजरे पलों में जो खुद की तलाश में न होते
हमारी राहों में भी न होता इतना अँधेरा
उजाले दूसरों के नाम जो किये न  होते
कुछ पल हमारे भी ख़ूबसूरत होते,गर
हर पल की  ख़ुशी की तलाश में न होते
खुद की परवाह हम भी कर पाते,गर
दूसरों की परवाह में लापरवाह न होते
पहचान हम भी सकते थे  हर इन्सान को
हर इन्सां में अगर दस बीस इन्सां न होते
जिन्दगी हमारी भी  संवर जाती शायद
नजरों में जो किसी ने हम भी बसाये होते

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